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जिंदगी में दो लोगों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है, पिता जिसने तुम्हारी जीत के लिए सब कुछ हारा हो, माँ जिसको तुमने हर दुःख में पुकारा हो। नींद अपनी भुला के सुलाया हमको, आँसू अपने गिरा के हँसाया हमको, दर्द कभी मत देना उन हस्तियों को, ईश्वर ने माँ-बाप बनाया जिनको। माँ-बाप के पास बैठने के दो फायदे है, आप कभी बड़े नहीं होते और माँ-बाप कभी बूढ़े नहीं होते। मंजिल दूर और सफर बहुत है, छोटी सी जिंदगी की फिकर बहुत है, मार डालती ये दुनिया कब की हमें लेकिन "माँ" की दुआओं में असर बहुत है। माँ रोती थी जब रोटी नहीं खाता था बेटा, माँ आज भी रोती है जब रोटी नहीं देता है बेटा। गुलामी तो हम सिर्फ अपने माँ-बाप की करते है वरना दुनिया के लिए तो हम कल भी बादशाह थे और आज भी।

 जिंदगी में दो लोगों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है, पिता जिसने तुम्हारी जीत के लिए सब कुछ हारा हो, माँ जिसको तुमने हर दुःख में पुकारा हो।



नींद अपनी भुला के सुलाया हमको, आँसू अपने गिरा के हँसाया हमको, दर्द कभी मत देना उन हस्तियों को, ईश्वर ने माँ-बाप बनाया जिनको।

माँ-बाप के पास बैठने के दो फायदे है, आप कभी बड़े नहीं होते और माँ-बाप कभी बूढ़े नहीं होते।

मंजिल दूर और सफर बहुत है, छोटी सी जिंदगी की फिकर बहुत है, मार डालती ये दुनिया कब की हमें लेकिन "माँ" की दुआओं में असर बहुत है।

माँ रोती थी जब रोटी नहीं खाता था बेटा, माँ आज भी रोती है जब रोटी नहीं देता है बेटा।

गुलामी तो हम सिर्फ अपने माँ-बाप की करते है वरना दुनिया के लिए तो हम कल भी बादशाह थे और आज भी।

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कुछ ना पा सके तो क्या गम है, माँ-बाप को पाया है ये क्या कम है, जो थोड़ी सी जगह मिली इनके क़दमों में वो क्या किसी जन्नत से कम है।By वनिता कासनियां पंजाबएक रोटी के चार टुकड़े हो और खाने वाले पाँच तब "मुझे भूख नहीं है" ऐसा कहने वाली सिर्फ माँ होती है।हर बात को तुम भूलो भले माँ-बाप को मत भूलना, उपकार इनके लाखों है इस बात को मत भूलना।एक हस्ती है जो जान है मेरी, जो आन से बढ़कर मान है मेरी, खुदा हुकुम दे तो कर दू सजदा उसे क्यों की वो कोई और नहीं माँ है मेरी।धरती पर ईश्वर की तलाश है, मालिक तेरा बन्दा कितना निराश है, क्यों खोजता है इंसान ईश्वर को जबकि तेरे दुसरे रूप में माँ-बाप उनके इतने पास है।

कुछ ना पा सके तो क्या गम है, माँ-बाप को पाया है ये क्या कम है, जो थोड़ी सी जगह मिली इनके क़दमों में वो क्या किसी जन्नत से कम है। By वनिता कासनियां पंजाब एक रोटी के चार टुकड़े हो और खाने वाले पाँच तब "मुझे भूख नहीं है" ऐसा कहने वाली सिर्फ माँ होती है। हर बात को तुम भूलो भले माँ-बाप को मत भूलना, उपकार इनके लाखों है इस बात को मत भूलना। एक हस्ती है जो जान है मेरी, जो आन से बढ़कर मान है मेरी, खुदा हुकुम दे तो कर दू सजदा उसे क्यों की वो कोई और नहीं माँ है मेरी। धरती पर ईश्वर की तलाश है, मालिक तेरा बन्दा कितना निराश है, क्यों खोजता है इंसान ईश्वर को जबकि तेरे दुसरे रूप में माँ-बाप उनके इतने पास है।

💞🪴💞 इज्जत भी मिलेगी तुम्हे दौलत भी मिलेगी, खिदमत करो माँ-बाप की जन्नत भी मिलेगी।💞🪴💞 कहते है पहला प्यार भुलाया नहीं जाता, फिर पता नहीं लोग अपने माँ-बाप का प्यार क्यों भूल जाते हैं। ऊपर जिसका अंत नहीं उसे आसमां कहते है, इस जहाँ में जिसका अंत नहीं उसे माँ कहते हैं। पता नहीं क्या जादू है मेरी माँ के पैरों में जितना झुकता हूँ उतना ही ऊपर जाता हूँ। अपने माँ-बाप को कभी मत रुलाओ, उनके सपनों को कभी मत सुलाओं, जितना तुम अपने माता-पिता को खुश रखोगे उतना ही रब आपको खुश रखेगा।

💞🪴💞 इज्जत भी मिलेगी तुम्हे दौलत भी मिलेगी, खिदमत करो माँ-बाप की जन्नत भी मिलेगी।💞🪴💞 कहते है पहला प्यार भुलाया नहीं जाता, फिर पता नहीं लोग अपने माँ-बाप का प्यार क्यों भूल जाते हैं। ऊपर जिसका अंत नहीं उसे आसमां कहते है, इस जहाँ में जिसका अंत नहीं उसे माँ कहते हैं। पता नहीं क्या जादू है मेरी माँ के पैरों में जितना झुकता हूँ उतना ही ऊपर जाता हूँ। अपने माँ-बाप को कभी मत रुलाओ, उनके सपनों को कभी मत सुलाओं, जितना तुम अपने माता-पिता को खुश रखोगे उतना ही रब आपको खुश रखेगा।